12-03-2018 20:17:58 .
जगदलपुर। आम आदमी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ताओं का अंदर वालों से संबंध होने का आरोप लगाने वाले शहर विधायक संतोष बाफना अपने बयान की पुष्टि करते हुए सबूत पेश करें। उनके बयान की पुष्टि करने वाले कोई सबूत हो तो उन्हें जनता के समक्ष सार्वजनिक करें अन्यथा वे सार्वजनिक तौर पर स्वयं द्वारा लगाए गए आरोप के लिए आम आदमी पार्टी से माफी मांगे। उक्त बातें बस्तर लोकसभा अध्यक्ष रोहित सिंह आर्य ने बाफना के द्वारा लगाए गए आरोप के खिलाफ बयान जारी कर कहा।
ज्ञात हो कि, रविवार को एक राष्ट्रीय अखबार में छपे साक्षात्कार में कथित फर्जी मुठभेड़ के सवाल का जवाब देते हुए संतोष बाफना ने आम आदमी पार्टी का संबंध अंदर वालों के साथ होने का आरोप लगाया था। जिस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा अध्यक्ष रोहित सिंह आर्य ने कहा कि चौदह वर्षों से सत्ता का सुख भोग रही भाजपा और उनके नेताओं को कोरी बयान बाजी करने की आदत हो गयी है। सत्ता के नशे में किसी भी राजनीतिक दल, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों पर बेबुनियाद आरोप लगाना भाजपा और उनके नेताओं की परिपाटी हो गयी है। आर्य ने कहा कि सत्ता पर काबिज भाजपा की रमन सरकार विगत् 15 सालों से माओवाद को खत्म करने का प्रयास करने की बजाय माओवादियों का पोषण कर रही है। बस्तर के दूसरे मुद्दों की तरह ही इस विषय पर भी भाजपा और कांग्रेस की सांठगांठ स्पष्ट परिलक्षित होती है। यदि संतोष बाफना द्वारा लगाए आरोप में जरा सी भी सत्यता है तो वे खुल कर तथ्यों के साथ सामने आए, क्योंकि आज सत्ता, शासन, पुलिस प्रशासन और शासन के तमाम उपांग उनकी सरकार के अधीन है। यदि उनके बयान में पहले से सत्यता थी तो बस्तर में कल्लूरी काल में क्यों नहीं कार्यवाही करा दी गयी। कल्लूरी काल में भाजपा द्वारा समर्थित व पोषित कई तथाकथित समाज सेवी संगठनों के माफ़ियानुमा समूहों ने बस्तर में जम कर उत्पात मचाया था। यदि बाफना के पास सबूत थे तो क्यों नहीं उस वक्त कार्यवाही की गई थी। दरअसल बस्तर और छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी की जनता के बीच आग की तरह बढ़ती लोकप्रियता के चलते भाजपा और उनके नेता बौखला गए है, इसलिए आम आदमी पार्टी की छवि को जनता के बीच धूमिल करने की मंशा से आज बाफना जैसे नेता भी अनर्गल बयानबाजी करने से नही चूक रहे हैं।