jdp, 25-07-2022 20:26:03 .
रविश परमार वेबडेस्क। प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों ने अब आपनी मांग को मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है. बस्तर ब्लॉक के समस्त विभागों के अधिकारी कर्मचारी 25 जुलाई से 5 दिनों के लिए हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे सरकारी कामकाज ठप्प होने की है. ज्ञात हो कि 25 जुलाई से 29 जुलाई तक छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने तालाबंदी का ऐलान किया है. जिसके तहत बस्तर ब्लॉक मुख्यालय के मंडी प्रांगण बाजरा स्थल नगर पंचयत बस्तर में धरना दिया गया, जिसमे कर्मचारी नेताओ ने सगरकर के रस रवैया पर जमकर नाराजगी जाहिर कि है। कर्मचारी नेता शैलेन्द्र तिवारी ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारियों को व्यक्तिगत आर्थिक नुकसान हो रहा है। धरना स्थल में कर्मचारी नेताओ ने अनिश्चित कालीन हड़ताल की व्यापक रणनीति बनाई जा रही है ।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी
बता दें काफी लंबे समय से महंगाई भत्ते को लेकर छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं. रविवार को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की बैठक में 25 जुलाई से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया है. 25जुलाई से 29 जुलाई तक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे. अगर इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी में है.
पहले दी थी चेतावनी
34 फीसद डीए व सातवें वेतन में एचआरए नहीं देने सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी संघों ने राज्य शासन के खिलाफ 30 जून को रैली निकाली थी. तब छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने कहा था कि मांग नहीं माने जाने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी है. यदि उनकी मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो अगले माह 25 से 29 जुलाई तक शासकीय कार्यालयों में तालाबंदी रहेगी. इस अवसर पर प्रदीप कुमार मिस्त्री, शैलेन्द्र तिवारी, रेंजर कमल नारायण तिवारी, शारदा कश्यप, अनिता कश्यप, पटवारी ओम प्रकाश चंदेल, सचिव विद्याधर नेताम, समलु राम कश्यप, मनोज मिश्रा, मनीष वर्मा, देवेंद्र सोनी, योगेश हरदाहे, कु पूनम सोरी, श्रीमती झरना अग्रवाणी, कैलाश जैन, रुद्रनारायण भारद्वाज, लखेराम बिसाई, गोपाल राजपूत,कुलधर मौर्य, लेखराज बघेल, चेतेंद्र पाणिग्रही,विजय ध्रुव, खेमसिंह ठाकुर,पूरन लाल कश्यप,योगेश बघेल,गंगाप्रसाद सोरी, रविन्द्र ठाकुर, लखन कश्यप, दिनेश नाग, पांडेय, देवेंद्र ठाकुर, संतोष अग्रवाणी, मोतीराम मौर्य सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।