26-11-2021 15:17:19 .
जगदलपुर। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर द्वारा आज अम्बेडकर वार्ड में संविधान दिवस मनाया गया, सर्वप्रथम उनके आदमकद मूर्ति पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया।तथा इस अवसर आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओं का अतिथियों ने सम्मान किया, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने प्रदेश सहित बस्तर वासियों को संविधान दिवस की बधाई व शुभकामनाएं दी।
जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने शहर के अंबेडकर वार्ड में संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर जी की मूर्ति स्थापना के अवसर पर पधारे लोगों को संबोधित करते हुए कहा भारत विश्व का महानतम कार्यशील लोकतंत्र है ऐसा ना केवल इसके विशाल, आकार, अपितु इसके बहुलतावादी स्वरूप और समय की कसौटी पर खरा उतरने के कारण है लोकतांत्रिक परंपराओं और सिद्धांत भारतीय सभ्यता के अभिन्न अंग है तथा लोकतंत्र की जड़ें हमारी राजनीतिक चेतना में गहराई तक समाई हुई है हर भारतीय नागरिक के लिए हर साल 26 नवंबर का दिन बेहद खास होता है दरअसल यही वह दिन है जब देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था यह संविधान ही है जो हमें एक आजाद देश का आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है जहां संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारी ढाल बनकर हमें हमारा हक दिलाते हैं, वहीं इसमें दिए मौलिक कर्तव्य में हमें हमारी जिम्मेदारियां भी याद दिलाते हैं हर वर्ष 26 नवंबर का दिन देश में संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के द्वारा सभी वर्गों को ध्यान में रखकर लिखा गया यह संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है संविधान की असली कॉपी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने हाथ से लिखी थी ये बेहतरीन कैलीग्राफी के जरिए इटैलिक अक्षरों में लिखी गई है इसके हर पन्ने को शांतिनिकेतन के कलाकारों ने सजाया था संविधान निर्माता को कोटिशः कोटिशः नमन।
संसदीय सचिव विधायक रेखचन्द जैन ने सविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर जी को नमन कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा कि आज ही के दिन 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है इसके कई हिस्से यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान के संविधान से लिये गये हैं। इसमें देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों, सरकार की भूमिका, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की शक्तियों का वर्णन किया गया है विधानपालिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका का क्या काम है, उनकी देश को चलाने में क्या भूमिका है, इन सभी बातों का जिक्र संविधान में है।
महापौर सफीरा साहू ने भी सविधान निर्माता को याद कर उन्हें नमन किया और बताया कि उन्ही के बनाये हुए सविधान कई देशों को आईना दिखा रहे हैं तथा इस सविधान को अपनाने के लिए मजबूर हो गए है इसे तैयार करने में कितने दिन में 2 वर्ष, 11 माह 18 दिन लगे थे यह 26 नवंबर, 1949 को पूरा हुआ था 26 जनवरी, 1950 को भारत गणराज्य का यह संविधान लागू हुआ था।आज के कार्यक्रम में तिरुपति झाड़ी, बीआर मोरला, बीएन दूधी, केशव जुमार्ग, पार्षद अनिता नाग, कोमल सेना, बी ललिता राव, कमलेश पाठक, जिला महामंत्री अनवर खान, कैलाश नाग, शहनाज़ बेगम, अंजना नाग, पापिया गाईन, नीला,महेश द्विवेदी, वेंकट राव, नन्दू साहू, राजेन्द्र हाबिल, मनसिंग, अनिता दूधी, सोनमती बघेल, सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।